Microprocessor 8085 with block diagram in Hindi

Microprocessor 8085  with block  diagram in Hindi

hello दोस्तों monkeyweb के इस नये blog में अपक स्वागत है आज के इस blog Microprocessor 8085 with block diagram in Hindi में मै आपको Mircroprocessor 8085 के बारे शुरुवात से अंत तक पूरी इनफार्मेशन देने वाला हु तो दोस्तों मै ये मान के चल रहा हु की आपको Microprocessor के बारे में बेसिक  इनफार्मेशन होगी नहीं तो अगर आपको नहीं भी तो भी आपको यहाँ पर बहुत ही useful मिलने वाली

Introduction of Microprocessor 8085 –

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Microprocessor को Intel ने  1997 में develop किया था यह हमारे computer का CPU होता  है इस microprocessor में mainly सात General purpose Registers का use किया जाता  है

microprocessor 8085 में BC, DE , HL आदि use में लिये जाते है और  in  सभी  को register select के दुवारा select किया जाता है

हम जिस तरह  से किसी प्रोगार्मे में variables का use करते है किसी data value को स्टोर करने के लिये उसी तरह से हम register का use भी किसी data value को स्टोर करने के लिये किया जाता है

लेकिन register एक तरह का hardware कोम्पिनेंक्ट होता  है यानि इसको हम  उतना ही use कर सकते है जितना  की computer development के time पर उसको  available किया गया था इसको हम ख़ुद से create नहीं कर सकते है

Block Diagram of Microprocessor 8085 –

Microprocessor 8085  with block  diagram in Hindi

Components of 8085 microprocessor

यहाँ हम अगर microprocessor 8085 के components के बारे में बात करते है क्युकी microprocessor 8085 समझने के लिये हमको इसके components के बारे में एक सही or deep इनफार्मेशन होनी चहिये तभी हम इस बात को जान सकते है की Working of microprocessor क्या होती है

1- ALU (Arithmatic Logic Unit) –

इसका use हम किसी भी तरह की calculation को करने के लिये करते है यह बहुत ही important Component होता  है  क्युकी  हम  जितने  भी लॉजिकल Operations को perform करते  है उसको हम  इसी  के help से  करते   है  यानि किसी data value के साथ जो भी SUM, MUL , SUB आदि के ऑपरेशन को ALU ही perform करता है

2- Temprarory Register –

ये एक register होते है जो mainly data को स्टोर करने का काम करते है जो data 8 -Bit Internal data bus में होकर आता  है उसको स्टोर करने के लिये ही हम इस register का use करते है ताकि जब हमको data की requirement हो तब हम आसनी से Data को get कर सके

3- Accumulator

जैसा की इसके नाम से  ही  पता  चलता  है  Accumulator यानि यह data values को Accumulate करके रखता है Microprocessor 8085 के पूरे block diagram में ये सबसे important कॉम्पोनेन्ट होता  है .

Accumulator बहुत कम लोग इस बात को जानते है की Accumulator भी एक तरह का General purpose register ही होता है इसके साथ ही ( ALU ) हमको जो भी value को देता है उसको भी हम Accumulator में ही स्टोर करके रखते है

4 -Flags

microprocessor 8085 में (ALU) से हमको जो भी  Output मिलता है उस आउटपुट का status बताने के लिये  हम flags का use करते  है यह एक तरह का फिल्प flop ही होता  है  जो एक सिंगल value  को ही स्टोर करने  का  काम  करता  है यह multitasking work को perform करता है

5 – Instruction Register 

हम अपने microprocessor में जिस भी instruction को execute करते है वह पहले instruction register में ही स्टोर होती है यह Fetching प्रोसेस का part होता है

6- Instruction Decode

यह decoding की प्रोसेस का part होता  है यहाँ पर हमारी जो instruction होती है उसको decode करने का काम किया जाता  है यानि हमको इसमें पता चलता है की हमारी instruction में क्या data है और उस पर कौन सा ऑपरेशन perform करना है

7- Timing and Control –

यह हमारे पूरे Microprocesser 8085 का बbrain होता है यानिजिस तरह से हमारे बॉडी में हमारा brain हमारे Body को सभी काम को करने का instruction देता है ठीक उसी तरह से Timing and  Control पुरे Microprocessor को अलग अलग प्रोसेस execute करने के लिये Signals भेजने का काम करता है

8 – program Counter –

यह एक तरह का register होता  है जो mainly next execute होने वाली instruction का Address hold करके रखता है यह बहुत ही important होता है

Working of Microprocessor 8085 in Hindi –

microprocessor 8085 की पूरी working mainly तीन phase में ही होती है और अगर आप इसको इसी के अनुसार समझे गे तो आपको बहुत ही आसनी होगी microprocessor 8085 की  पूरी working को समजने के लिये  तो आईये उन phase के बारे  में detail से जानते है

  • Fetching
  • Decoding
  • Execution

यहाँ पर सबसे पहले program Counter (PC) जिसके पास next execute होने वाली instruction होती है PC उस Address को address bus से memory के पास जाता है जहा पर उसको उसकि instruction मिल जाती है

इसके बाद ये उस instruction को Address Data Bus से अन्दर लता है और इस instruction को 8 -Bit internal Data bus में डाल देता है

इसके बाद यह instruction bus से Connected instruction Register में जाकर स्टोर हो जाती है तो इस तरह से हमारा पहला phase  Fetching का complete हो जाता है 

इसके बाद जब हमरी fetching हो जाती है तब ये instruction हमारे instruction decoder में आ जाती है जहा हम इस instruction को decode करने का काम करते है और decoding हो जाने के बाद हमको अपना OP-CODE(operation on data ) और OPERAND (data) मिल जाता है तो यहाँ से हमारी दूसरी phase Decoding भी complete हो जाती है

Execution सबसे last की phase होती है जिसमे हम वो अपने data पर operation को perform करने का काम करते है यहाँ सबसे पहले Timing and Control पहला signal Accumulator को देता है जहा से accumulator हमको हमारी phali value को देता है जो ALU में चली जाती है

इसके बाद Timing and Control अपना दूसरा signal register select को देता है ताकि उसको register से अपनी दूसरी value भी मिल जाये इसके बाद वह value register से निकल कर  bus से होते हुवे Temp Register में स्टोर हो जाती है

Timing and control एक और signal Temp के लिये release करता है जिससे  उसमे available value ALU में आ जाती है अब जब ALU को दोनों value मिल जाती है तो वह अपन operation perform करता है और Output को 8 Bit internal bus से वापस से Accumulator में स्टोर कर देता है

Final Word –

मै आशा करता हु की आपको मेरा ये microprocessor 8085 क्या है blog post informative लगा होगा इसी प्रकार के और इसको आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे ताकि जादा से जादा मेरे भाई इस knowledge को gain कर सके – Jai Hind

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Abhinav Srivastav

Hello dosto mera nam abhinav Srivastava hai aur abhi ek Student hu maine blogging 2019 me start kiya tha mughe blogging karna psand hai taki mai ap sabhi ko tecnology se jod saku

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